जनपद मस्तूरी में सरपंच प्रतिनिधियों का दबदबा
महिला सरपंचों की जगह प्रतिनिधियों के बैठकों में शामिल होने की सूचना, पंचायत संचालन को लेकर उठ रहे सवाल
मस्तूरी (बिलासपुर)। जनपद पंचायत मस्तूरी क्षेत्र में महिला सरपंचों की भूमिका और पंचायत बैठकों में उनकी उपस्थिति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर से मिली जानकारी के अनुसार, कई ग्राम पंचायतों में निर्वाचित महिला सरपंचों की जगह उनके पति या परिवार के अन्य सदस्य सरपंच प्रतिनिधि के रूप में पंचायत संबंधी बैठकों और जनपद पंचायत की गतिविधियों में नजर आते हैं।
सूचना के अनुसार, जनपद पंचायत मस्तूरी में आयोजित होने वाली बैठकों में भी कुछ मामलों में महिला सरपंचों की अपेक्षा उनके प्रतिनिधियों की मौजूदगी अधिक दिखाई देती है। इससे यह सवाल खड़ा हो रहा है कि जब पंचायत का नेतृत्व महिला सरपंच के नाम पर निर्वाचित हुआ है, तो पंचायत के महत्वपूर्ण निर्णयों और बैठकों में उनकी वास्तविक भागीदारी कितनी है?
महिला आरक्षण का उद्देश्य कितना पूरा हो रहा?
पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने का उद्देश्य उन्हें स्थानीय शासन में सक्रिय भूमिका प्रदान करना है। लेकिन यदि निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों की जगह उनके पति अथवा परिवार के सदस्य पंचायत के कामकाज में प्रमुख भूमिका निभाते हैं, तो महिला सशक्तिकरण की व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
जनपद स्तर पर भी उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि कुछ पंचायतों में सरपंच प्रतिनिधियों का प्रभाव इतना बढ़ गया है कि पंचायत के महत्वपूर्ण कार्यों और निर्णयों में महिला सरपंचों की सक्रिय भूमिका कम दिखाई देती है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
यदि वास्तव में महिला सरपंचों की अनुपस्थिति में उनके प्रतिनिधि नियमित रूप से पंचायत अथवा जनपद की बैठकों में भाग लेते हैं और निर्णय प्रक्रिया में भूमिका निभाते हैं, तो यह शासन-प्रशासन के लिए भी जांच का विषय हो सकता है।
प्रशासन से जांच की मांग
स्थानीय स्तर पर मांग उठ रही है कि जनपद पंचायत मस्तूरी की बैठकों में ग्राम पंचायतों के निर्वाचित सरपंचों की उपस्थिति का रिकॉर्ड देखा जाए। साथ ही, बैठकों में कौन उपस्थित रहा, किसने हस्ताक्षर किए और पंचायत के निर्णयों में वास्तविक रूप से किसकी भूमिका रही—इन बिंदुओं की जांच की जाए।
अब सवाल यह है कि क्या जनपद पंचायत मस्तूरी प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पंचायतवार स्थिति की जांच करेगा? यदि जांच होती है तो यह स्पष्ट हो सकता है कि महिला सरपंच स्वयं पंचायत का संचालन कर रही हैं या उनके स्थान पर सरपंच प्रतिनिधि प्रभावी भूमिका निभा रहे हैं।
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