*राज्योत्सव में दिखी विकसित छत्तीसगढ़ की झलक, जनकल्याणकारी योजनाओं से रूबरू हुए लोग*
*‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ की थीम पर विकास, नवाचार और उपलब्धियों का आकर्षक प्रदर्शन*
*40 स्टॉलों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार और तकनीकी नवाचारों की दी गई जानकारी*
बिलासपुर, 2 नवंबर 2026/ छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित राज्योत्सव 2026 में प्रदेश की विकास यात्रा, जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों की आकर्षक झलक देखने को मिली। ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ की थीम पर आयोजित राज्योत्सव में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए 40 स्टॉलों के माध्यम से शासन की योजनाओं, विकास कार्यों और तकनीकी नवाचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। नागरिकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर योजनाओं और उनसे मिलने वाले लाभों की जानकारी प्राप्त की।
जनसंपर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों एवं उपलब्धियों को छायाचित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी ने लोगों को छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा और प्रदेश के बदलते स्वरूप से रूबरू कराया।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पोठ लइका योजना एवं मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना सहित महिलाओं और बच्चों के कल्याण की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। स्टॉल में महिला सशक्तिकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े प्रयासों को प्रदर्शित किया गया। आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग ने प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से जनजातीय समुदायों के समग्र विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की झलक प्रस्तुत की।
नगर निगम के स्टॉल में नालंदा परिसर, प्रधानमंत्री ई-बस सेवा एवं पीएम स्वनिधि योजना सहित नगरीय विकास की प्रमुख योजनाओं को प्रदर्शित किया गया। नागरिकों को शिक्षा और परिवहन सुविधाओं के विस्तार तथा छोटे व्यवसायियों को आर्थिक संबल प्रदान करने के प्रयासों की जानकारी मिली। जिला पंचायत ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, वीबी जी राम जी योजना सहित ग्रामीण विकास और आजीविका संवर्धन की योजनाओं का प्रदर्शन किया। ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण एवं स्वरोजगार से जुड़ी गतिविधियों से भी लोगों को अवगत कराया गया।
शिक्षा विभाग ने शिक्षा तक पहुंच एवं बुनियादी सुविधाओं, पोषण एवं छात्रवृत्ति सहायता, विशेष प्रोत्साहन योजनाओं, डिजिटल शिक्षा तथा समग्र शिक्षा के अंतर्गत संचालित योजनाओं को पांच प्रमुख श्रेणियों में प्रस्तुत किया। आयुष विभाग के स्टॉल में योजनाओं की जानकारी के साथ निःशुल्क औषधि वितरण, स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श की सुविधा दी गई। प्रत्यक्ष सीड बॉल निर्माण, आरोग्य किट और औषधीय पौधों की प्रदर्शनी के माध्यम से नागरिकों को आयुष चिकित्सा पद्धति तथा स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया गया।
जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र ने छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के अंतर्गत उद्योगों को मिलने वाले अनुदान, छूट एवं प्रोत्साहन सुविधाओं की जानकारी दी। प्रदर्शनी में बताया गया कि जिले में विगत 26 वर्षों में 3,542 उद्योग स्थापित हुए, जिनमें 1,62,252.95 लाख रुपए का पूंजी निवेश हुआ और 20,037 लोगों को रोजगार मिला। पिछले तीन वर्षों में 21 महिला उद्यमियों द्वारा उद्योग स्थापित किए जाने की उपलब्धि भी प्रदर्शित की गई।
एनटीपीसी सीपत की प्रदर्शनी में पर्यावरण संरक्षण, तकनीकी नवाचार, महिला सशक्तिकरण एवं शिक्षा के क्षेत्र में किए गए प्रयासों को दर्शाया गया। फ्लाई ऐश से निर्मित ईंटें, गिट्टी, इंटरलॉकिंग ब्लॉक और पार्क बेंच सहित विभिन्न उत्पाद प्रदर्शित किए गए। पूरी तरह राख से निर्मित ‘विकल्प ईंट’ एवं राख से रेत बनाने की तकनीक के साथ स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पाद भी प्रदर्शनी का हिस्सा रहे। ‘संकल्प’ कोचिंग के माध्यम से 100 से अधिक विद्यार्थियों को जेईई एवं नीट की निःशुल्क तैयारी, बालिका सशक्तिकरण अभियान के तहत 641 बालिकाओं को प्रशिक्षण तथा 153 मेधावी छात्राओं को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने की उपलब्धियां भी प्रस्तुत की गईं।
वन विभाग, पुलिस विभाग और छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड सहित अन्य विभागों ने भी अपनी योजनाओं, गतिविधियों एवं उपलब्धियों की जानकारी दी। राज्योत्सव की विकास प्रदर्शनी में महिला सशक्तिकरण, युवाओं के लिए अवसर, स्वरोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में प्रदेश की प्रगति की झलक मिली।
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