मस्तूरी (बिलासपुर)। मस्तूरी तहसील कार्यालय में स्टाम्प वेंडरों की मनमानी से आम नागरिकों और किसानों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है। आरोप है कि यहां निर्धारित मूल्य से अधिक राशि लेकर स्टाम्प बेचे जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, एक किसान स्टाम्प खरीदने तहसील कार्यालय पहुंचा तो 100 रुपए के स्टाम्प के लिए 250 रुपए मांगे गए। किसान ने आपत्ति जताते हुए कहा कि 100 के बदले 150 रुपए ले लें, लेकिन स्टाम्प वेंडर ने साफ शब्दों में कहा—“सौ का ढाई सौ ही पड़ेगा भैया, नहीं तो बाहर से ले लो।” इस तरह की कथित मनमानी से लोगों में नाराजगी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि स्टाम्प निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर बेचे जा रहे हैं तो यह नियमों का उल्लंघन है और जिम्मेदार अधिकारियों को इस पर संज्ञान लेना चाहिए।
इस संबंध में मस्तूरी तहसीलदार जयंती देवांगन ने कहा कि यदि 100 रुपए के स्टाम्प के लिए 250 रुपए मांगे जा रहे हैं तो यह गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि “जितना नियम है, उतना ही शुल्क लिया जाना चाहिए। अधिक राशि लेना उचित नहीं है।”
अब सवाल उठता है कि क्या प्रशासन ऐसे स्टाम्प वेंडरों पर कार्रवाई करेगा या आम लोगों को इसी तरह अधिक राशि चुकानी पड़ेगी? स्थानीय नागरिकों ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।














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