मल्हार | बिलासपुर
नगर पंचायत मल्हार में लगातार टेंडर प्रक्रिया, खरीदी प्रक्रिया एवं निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार को संरक्षण देने के आरोपों पर आखिरकार छत्तीसगढ़ शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत मल्हार में जेम पोर्टल के माध्यम से मिनी टिपर खरीदी की टेंडर प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी कर हेराफेरी की गई और मनपसंद ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। इसके साथ ही पचरी घाट निर्माण एवं पीएम श्री स्कूल निर्माण कार्य में भी गंभीर अनियमितताओं की शिकायत सामने आई थी, जिसकी शिकायत नगर पंचायत मल्हार के अध्यक्ष धनेश्वरी धनेश्वर कैवर्त ने अपने समस्त पार्षदों के साथ संबंधित अधिकारियों को की थी।
इन मामलों के अलावा मेसर्स आकर्ष इंटरप्राइजेज द्वारा भी संयुक्त संचालक एवं संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को लिखित शिकायत दी गई थी।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इन सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच समिति का गठन कराया।
जांच समिति द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में शिकायतों को सही पाया गया, जिसके बाद विधिवत कार्रवाई की अनुशंसा शासन को की गई।
इसके पश्चात छत्तीसगढ़ शासन, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, महानदी भवन अटल नगर द्वारा आदेश क्रमांक GENS-11/5454/2025-UAD के तहत कड़ी विभागीय कार्रवाई की गई।
शासन ने नगर पंचायत मल्हार के
सीएमओ किरण पटेल,
वर्तमान सीएमओ मनीष सिंह ठाकुर,
इंजीनियर के.एन. उपाध्याय,
उप इंजीनियर तिग्गा,
तथा लेखपाल अर्जुन दास मानिकपुरी
को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि नगरीय प्रशासन विभाग में भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं है।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव के नेतृत्व में की गई इस सख्त कार्रवाई से नगर पंचायत मल्हार के आम नागरिकों में संतोष और हर्ष का माहौल है।















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