*श्रीमद् भागवत कथा भक्ति और ज्ञान की गंगा है,,, त्रिलोक श्रीवास*
सीपत,,,,,परसाही (धनियां)में गोस्वामी परिवार के यहां संगीतमई अमृत रूपी श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ की अंतिम दिवस पर सुदामा चरित्र और प्रद्युम्न भगवान कथा वाचक पंडित श्रीकृष्ण गोपाल शास्त्री जी की मुखार वृंद से सुनने को मिला l वेदव्यास शास्त्री जी कहते कि अगर भक्ति हो तो सुदामा की तरह और भगवान श्री कृष्ण जी अपने प्रिय मित्र सखा सुदामा से मित्रता कैसे निभाई जाती है यह बताया हैं l भगवान अपने भक्तों की दुख हर लेने वाले है और उनकी भक्ति के प्रति अपने आप को न्योछावर कर देता है l भागवत कथा के अंतिम दिवस कांग्रेसी नेता त्रिलोक श्रीवास पहुंच कर सबकी खुशहाली की मनोकामना की l और उन्होंने कहा कि श्रीमद भागवत कथा श्रवण मात्र से जीवन की तकलीफ दूर होती है, आत्मशांति मिलती है l यह अमृत रूपी गंगा के समान है विरले लोगों को यह पुण्य प्राप्त होता है l यह कथा गोस्वामी परिवार की ममता मई मां स्वर्गीय श्रीमती कुंती देवी गोस्वामी की वार्षिक श्राद्ध में चित्रकूट के कथा वाचक पंडित श्रीकृष्ण गोपाल शास्त्री जी के ज्ञान और व्यक्तिमय वाचन के साथ समापन हुआ l रात्रि में कीर्तन भजन,जगराता कार्यक्रम, छत्तीसगढ़ी लोककारों के द्वारा विशेष प्रस्तुतियों के साथ भक्तिमय वातावरण भगवत भजन हो रही थी l इसमें मुख्य यजमान के रूप में कैलाश अन्नू गोस्वामी,ओम स्वाती गोस्वामी है ,इसके अलावा कथा का कार्यभार एवं देखरेख में आयोजक कर्ता शिवरतन गिरी गोस्वामी, रतन गिरी गोस्वामी, सहित गोस्वामी परिवार का श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ कथा में विशेष योगदान रहा है l


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