आज से शुरू दिनांक 12 जनवरी से 14 जनवरी 2026 तक प्रदेश में विद्युत संविदा कर्मचारी संघ ने प्रथम चरण तीन दिवसीय सांकेतिक काम बंद कर दिए हैं जिससे विद्युत संचालन पर गहरा प्रभाव पड़ने कि आशंका हैं
छत्तीसगढ़ विद्युत संविदा कर्मचारी संघ के महामंत्री श्री कमलेश भारद्वाज जी ने बताया हैं कि, संविदा कर्मियों के वाजिब मांगो पर कंपनी प्रबंधन और संघ के बीच तीन बार लिखित आश्वाशन मिला लेकिन दुःख कि बात यह हैं कि आज तक सहमति बनी मांग के सम्बन्ध में आदेश जारी नहीं हुआ
अनिश्चित कालीन आंदोलन कि तैयारी में संविदा संघ
दूसरी तरफ कंपनी से गोल गोल जवाब से परेशान विद्युत संविदा कर्मचारी संघ तीन दिवसीय आंदोलन के बाद भी मांग से सम्बन्धित कार्यवाही नहीं होने पर जारी आंदोलन को अपने अधिकार क्षेत्र में रहकर अनिधिकृत कार्य का विरोध प्रदर्शन करते हुए एक सूत्रीय मांग नियमितकारण को लेकर अनिश्चित कालीन करने पर विवश हो जाएंगे
अब तक लगभग 40 संविदा कर्मियों कि मृत्यु और 60 से अधिक संख्या में विकलांग हो चुके हैं यह जानना जरूरी हैं कि विद्युत संचालन का कार्य नियमित प्रकृति का है जिसे संविदा कर्मचारी द्वारा किया जा रहा है जिससे विद्युत दुर्घटना कि संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता फिर भी कंपनी की उदासीन रवैया से कर्मचारी आहत व निराश हैं
भर्ती के समय प्रस्तावित एजेंडा में 6 वर्ष पश्चात नियमित करने का स्पष्ट उल्लेख हैं इस संबंध में भी अनेकों बार प्रबन्धन से चर्चा हो चुका हैं जिस पर प्रबंधन नियमितीकरण का प्रस्ताव बना कर जल्द ही नियमित करने का आश्वासन दिया l
नियम कानून को दरकिनार करते हुए विद्युत कंपनी ने संविदा कर्मियों को लंबे समय तक अनियमित रखते हुए नियमित प्रकृति के कार्य कराए जा रहे जो मानवीय मूल् के खिलाफ हैं पूर्व में कंपनी और शासन द्वारा नियमित किया गया है फिर भी वर्तमान शासन द्वारा कोई प्रक्रिया नहीं किया जा रहा है जब की छत्तीसगढ़ विद्युत संविदा कर्मचारी संघ की जारी आंदोलन 2021- 22 में वर्तमान शासन की समर्थन मिला जिसमें विधानसभा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं जिसके शासनकाल का स्पष्ट उल्लेख किया गया है प्रत्येक भर्ती को 2 साल में नियमित कर दिया जाता है तो यह संविदा कर्मचारियों को भी नियमितीकरण किया जाए पर अब शासन काल में आने पर अपने ही बातों से मुकर रहे हैं जबकि पावर कंपनी एक स्वयं की जिम्मेदारी उठाता है और स्वतंत्र हैं जो अन्य विभाग से अलग हैं अपने कर्मचारियों को स्वयं से व शासन के निर्देशानुसार नियमित कर सकता है


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